बिल्डिंग में दिखने वाले 5 संकेत जो बताते हैं कि आपकी बिल्डिंग की हालत कैसी है

31 Oct

बिल्डिंग में दिखने वाले 5 संकेत जो बताते हैं कि आपकी बिल्डिंग की हालत कैसी है

जैसे डॉक्टर को देखकर पता चल जाता है कि मरीज़ ठीक है या नहीं, वैसे ही बिल्डिंग भी अपनी सेहत के बारे में बहुत कुछ बताती है। बस हमें उसे ध्यान से देखना आना चाहिए।ज़्यादातर सोसाइटी और फ्लैट ओनर तब तक कुछ नहीं करते जब तक कोई बड़ा नुकसान न हो जाए। लेकिन छोटी-छोटी निशानियाँ पहले ही बता देती हैं कि बिल्डिंग को मदद चाहिए। आइए जानते हैं वे 5 संकेत जो हर बिल्डिंग ओनर और सोसाइटी मेंबर को पता होने चाहिए।

1. दीवार या कॉलम में दरारें (क्रैक)

क्या दिखता है: दीवार, कॉलम या बीम पर पतली या मोटी लकीर।इसका मतलब क्या है: हर दरार खतरनाक नहीं होती, लेकिन फ़र्क समझना ज़रूरी है:पतली (हेयरलाइन) दरार: सिर्फ़ प्लास्टर में होती है और आमतौर पर चिंता की बात नहीं है। फिर भी इसमें पानी घुस सकता है, इसलिए इसे भरवा लेना चाहिए।चौड़ी दरार (3 मिमी से ज़्यादा): यह खतरे की घंटी है।तिरछी या ज़िगज़ैग दरार: कॉलम या बीम में ऐसी दरार स्ट्रक्चर की कमज़ोरी दिखाती है।क्या करें: अगर दरार चौड़ी हो या बढ़ती जा रही हो, तो तुरंत सिविल इंजीनियर से जाँच करवाएँ।

2. दीवारों में सीलन और पेंट उखड़ना

क्या दिखता है:छत या दीवार पर पीले-भूरे दाग़पेंट में फूलना और पपड़ी उतरनादीवार पर सफ़ेद नमक जैसा पाउडर (इसे एफ़्लोरेसेंस कहते हैं)कमरे में सीलन की बदबूइसका मतलब क्या है: बिल्डिंग के अंदर पानी घुस रहा है। यह पानी धीरे-धीरे प्लास्टर और फिर अंदर के सरिये (स्टील) तक पहुँच जाता है।क्या करें: सिर्फ़ ऊपर से पेंट कर देने से काम नहीं चलेगा। पहले यह पता लगाना ज़रूरी है कि पानी कहाँ से आ रहा है, फिर उसका सही वॉटरप्रूफ़िंग ट्रीटमेंट करवाना चाहिए।

3. कंक्रीट का झड़ना और सरिया दिखना

क्या दिखता है:बालकनी, पार्किंग के पिलर या छज्जे से कंक्रीट के टुकड़े गिरनाअंदर का जंग लगा सरिया बाहर दिखनाइसका मतलब क्या है: यह सबसे खतरनाक संकेतों में से एक है। जब पानी सरिये तक पहुँचता है, तो सरिया जंग खाकर फूल जाता है। जंग लगने पर सरिया अपने असली आकार से कई गुना फूल सकता है, जिससे आसपास का कंक्रीट अंदर से टूटने लगता है। इसे स्पॉलिंग कहते हैं।क्या करें: इसे बिल्कुल नज़रअंदाज़ न करें। इसमें जल्द से जल्द स्ट्रक्चरल रिपेयर (माइक्रो-कंक्रीटिंग और जैकेटिंग) करवाना पड़ता है, वरना खर्चा भी बढ़ता है और खतरा भी।

4. दरवाज़े-खिड़कियाँ जाम होना और फ़र्श का टेढ़ा होना

क्या दिखता है:दरवाज़े या खिड़कियाँ अचानक बंद होने में दिक्कत देने लगेंफ़र्श या छत झुकी हुई लगेटाइल्स के बीच गैप या टाइल्स का उभरनाइसका मतलब क्या है: यह इस बात का इशारा हो सकता है कि बिल्डिंग का कोई हिस्सा धँस रहा है या स्ट्रक्चर पर दबाव (लोड) बढ़ गया है। यह संकेत अक्सर किसी बड़ी स्ट्रक्चरल समस्या की तरफ़ इशारा करता है।क्या करें: ऐसी हालत में स्ट्रक्चरल ऑडिट ज़रूर करवाएँ। अपने आप कोई काम न करें।

5. टेरेस या छत से पानी टपकना

क्या दिखता है:बारिश में टॉप फ़्लोर की छत से पानी टपकनाटेरेस पर पानी जमा रहनापैरापेट वॉल (मुंडेर) पर सीलन या दरारेंइसका मतलब क्या है: टेरेस की वॉटरप्रूफ़िंग ख़राब हो चुकी है। यह सिर्फ़ टॉप फ़्लोर की समस्या नहीं है। पानी नीचे की मंज़िलों तक पहुँचकर पूरी बिल्डिंग को नुकसान पहुँचाता है।क्या करें: समय रहते टेरेस वॉटरप्रूफ़िंग करवा लें। बारिश आने से पहले यह काम करवाना सबसे अच्छा रहता है।

सबसे ज़रूरी बात: ध्यान दें, नज़रअंदाज़ न करें

छोटी समस्या को आज ठीक करवाने में हज़ारों रुपये लगते हैं। वही समस्या 2-3 साल बाद लाखों का खर्चा बन सकती है। इसलिए "अभी कुछ नहीं हुआ" सोचकर रुकना सबसे महंगा पड़ता है।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1. कैसे पता चलेगा कि दरार खतरनाक है या नहीं?

अगर दरार 3 मिमी से ज़्यादा चौड़ी है, तिरछी या ज़िगज़ैग है, कॉलम या बीम में है, या उसके साथ जंग के दाग़ और झड़ता हुआ कंक्रीट दिख रहा है, तो वह खतरनाक हो सकती है। सही जाँच के लिए सिविल इंजीनियर से मिलें।

स्ट्रक्चरल ऑडिट बिल्डिंग का “हेल्थ चेकअप” है। इंजीनियर बिल्डिंग की मज़बूती, कंक्रीट की हालत और सरिये के जंग की जाँच करते हैं। आमतौर पर 15-30 साल पुरानी बिल्डिंग का हर 5 साल में और 30 साल से पुरानी बिल्डिंग का हर 3 साल में ऑडिट करवाना चाहिए। महाराष्ट्र में यह नियम MMC Act की धारा 353-B के तहत भी आता है।

 नहीं। पेंट सिर्फ़ ऊपर से दाग़ छुपाता है। जब तक पानी का स्रोत बंद नहीं होगा, सीलन वापस आएगी। पहले वॉटरप्रूफ़िंग या रिपेयर, फिर पेंट।

यह इस्तेमाल हुए मटेरियल और काम की क्वालिटी पर निर्भर करता है। अच्छी क्वालिटी की वॉटरप्रूफ़िंग कई साल तक चलती है, लेकिन हर साल बारिश से पहले टेरेस की जाँच ज़रूर करनी चाहिए।

सोसाइटी की कॉमन चीज़ों, जैसे बाहर की दीवारें, टेरेस, बीम, कॉलम और मुख्य पानी की टंकी, के रखरखाव की ज़िम्मेदारी मैनेजिंग कमेटी की होती है।

नहीं। स्ट्रक्चरल इंजीनियर की इजाज़त के बिना दीवार तोड़ना या कॉलम काटना पूरी बिल्डिंग के लिए खतरनाक हो सकता है।

अगर आपकी बिल्डिंग में ऊपर बताए गए कोई भी संकेत दिख रहे हैं, तो देर न करें। Zindus Infra Private Limited के पास 13+ साल का अनुभव है और मुंबई में 300+ प्रोजेक्ट पूरे किए हैं।

हमारी सेवाएँ:

  • स्ट्रक्चरल रिपेयर: माइक्रो-कंक्रीटिंग, कॉलम/बीम जैकेटिंग, स्पॉलिंग ट्रीटमेंट
  • वॉटरप्रूफ़िंग: टेरेस, बेसमेंट और बाहर की दीवार
  • प्लंबिंग: ड्रेनेज और पानी की पाइपलाइन की मरम्मत
  • एक्सटीरियर पेंटिंग: बारिश और धूप से बचाने वाला प्रोटेक्टिव पेंट

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Call – 8779393071 

Email – contact@zindus.in

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